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भारत मं भ्रष्टाचार के विरुद्ध आन्दोलन

 

आजकल भारत में आम आदमी सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार से बहुत तंग आ चुका है। वो चाहता है कि अब एक बार फिर इस देश में स्वतान्त्र्ता आन्दोलन शुरू हो जाए।
वाकई मुझे लगता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ हमें आन्दोलन करना ,अनशन करना ये सब सिर्फ दिखावा है। अगर भारत के सभी लोग ,रिश्वत देना या रिश्वत लेना बंद करदें तो रातों रात ये भ्रष्टाचार ख़तम हो जाएगा . हमें याद रखना होगा कि अगर हम एक जगह रिश्वत लेते हैं तो दूसरी जगह रिश्वत देना पड़ेगा . ये कर्म सिद्धांत के अनुसार भी बिलकुल सच है . अगर हम रिश्वत देने के लिए राज़ी हो जायेंगे तो बाद में उसके खिलाफ बोलने का हक़ भी को देते हैं।
सिर्फ रिश्वत या घूसखोरी ही नहीं ,भ्रष्टाचार का एक विस्तार स्वरूप है .
आम सार्वजनिक प्रदेशों पर कचरा फेक देना , सार्वजानिक प्रदेशों में तम्बाकू पीना , महिलाओं का अपमान करके मज़ा उठाना , अपने कर्त्तव्य का सही ढंग से पालन नही करना, ये सब भी भ्रष्टाचार ही कहलाते हैं।

मैं हिंदी सीख रहा हूँ . मुझे कई जगहों पर "लिंग" या "की " "के"" ने दिया" का सही ढंग से इस्तेमाल करना नही आती है।
मेरे चुने गए शब्दों पर भी मुझे शंका है। क्या एक हिंदी वाला भी ऊपर किए गए टिपण्णी के लिए ऐसे शब्दों का ही उपयोग करेगा?

धन्यवाद

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    भारत में भ्रष्टाचार के विरुद्ध आन्दोलन

    आजकल भारत में आम आदमी सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार से बहुत तंग आ चुका है। वो चाहता है कि अब एक बार फिर इस देश में स्वतन्त्रता आन्दोलन शुरू हो जाए।
    वाकई मुझे लगता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ हमें हमारा आन्दोलन करना ,अनशन करना ये सब सिर्फ दिखावा है। अगर भारत के सभी लोग ,रिश्वत देना या रिश्वत लेना बंद कर दें तो रातों रात ये भ्रष्टाचार ख़तम हो जाएगा . हमें याद रखना होगा कि अगर हम एक जगह रिश्वत लेते हैं तो दूसरी जगह रिश्वत देना पड़ेगा . ये कर्म सिद्धांत के अनुसार भी बिलकुल सच है . अगर हम रिश्वत देने के लिए राज़ी हो जायेंगे तो बाद में उसके खिलाफ बोलने का हक़ भी को खो देते हैं।
    सिर्फ रिश्वत या घूसखोरी ही नहीं ,भ्रष्टाचार का एक विस्तार स्वरूप है .
    आम सार्वजनिक प्रदेशों पर कचरा फेंक देना , सार्वजानिक प्रदेशों में तम्बाकू पीना , महिलाओं का अपमान करके मज़ा उठाना , अपने कर्त्तव्य का सही ढंग से पालन नहीं करना, ये सब भी भ्रष्टाचार ही कहलाते हैं।

    मैं हिंदी सीख रहा हूँ . मुझे कई जगहों पर "लिंग" या "की " "के"" ने दिया" का सही ढंग से इस्तेमाल करना नही आता है।
    मेरे चुने गए शब्दों पर भी मुझे शंका है। क्या एक हिंदी वाला भी ऊपर किए गए  की गयी टिपण्णी टिप्पणी के लिए ऐसे शब्दों का ही उपयोग करेगा?

    धन्यवाद

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