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हैदराबाद में बम धमाके .

 

हाल ही में हैदराबाद में बम धमाके हुए जिसमें 20लोगों की मृत्यु हुई और 150से ज्यादा लोग घायल हो गए। टीवी में मृतक लोगों के बंधू जनों को रोते बिलकते हुए देखकर ,मुझ से सहा नहीं गया। ये पहले बार नहीं हैं की यहाँ ऐसे हादसे हुआ। पिछले दस साल में आठ बार ऐसे धमाके हुए। कई मासूम लोगों की जान चली गई . मगर इस बार लोग कुछ ज्यादा ही गुस्से में है क्यूँ कि , देश की गृह मंत्री का कहना है की उन्हों ने राज्य के मुख्यमंत्री को पूरी सूचना मुहैया करी थी। अगर पुलीस को पहले ही मालूम था की ऐसी घटना घटने की संभावना है तो ,उसे रोकने में क्यों असफल हुई। इसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा। कोई कहता है की ये आतंकवादी हमला भारत में धार्मिक और मजहबी एकता को मिटाने के लिए किया गया है। कोई कहता है की ये पाकिस्तान का साजिश है। कोई कहता है की गाँधीजी ने मुसलमानों को देश से ढ़केल ने नहीं दिया और इसका नतीजा है। मगर ,ठन्डे दिमाग से सोचे तो मुझे लगता है की ,आतंकवादी को असल में एक मज़हब या देश से जुड़ना मूर्खता है। मुझे लगता है की देश में अगर शांति और स्थिरता की स्थापना होने की मंशा है तो श्रीमान नरेन्द्र मोदी जी जैसे कर्म्निष्ट और देश प्रेमी व्यक्ति को ही प्रधान मंत्री बनना चाहिए। मेरी वोट इस बार बीजेपी को है।

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    हैदराबाद में बम धमाके .

    हाल ही में हैदराबाद में बम धमाके हुए जिसमें 20लोगों की मृत्यु हुई और 150से ज्यादा लोग घायल हो गए। टीवी में मृतक लोगों के बंधु जनों को रोते बिलकते बिलखते हुए देखकर(देखना) ,मुझ से सहा नहीं गया। ये पहले बार नहीं हैं की यहाँ ऐसे हादसे हुआ हुए(या ऐसा हादसा हुआ)। पिछले दस साल में आठ बार ऐसे धमाके हुए। कई मासूम लोगों की जान चली गई . मगर इस बार लोग कुछ ज्यादा ही गुस्से में है क्यूँ कि(क्योंकि) , देश की के गृह मंत्री का कहना है की कि उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री को पूरी सूचना मुहैया करी ('करवाई' बेहतर है) थी। अगर पुलिस को पहले ही मालूम था की कि ऐसी घटना घटने की संभावना है तो ,उसे रोकने में क्यों असफल हुई। इसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा। कोई कहता है की कि ये आतंकवादी हमला भारत में धार्मिक और मजहबी एकता को मिटाने के लिए किया गया है। कोई कहता है की ये पाकिस्तान का साजिश है। कोई कहता है की कि गाँधीजी ने मुसलमानों को देश से केलने नहीं दिया और इसका नतीजा है। मगर ,दिमाग से सोचे तो मुझे लगता है की कि,आतंकवादी को असल में एक मज़हब या देश से जुड़ना जोड़ना मूर्खता है। मुझे लगता है की कि देश में अगर शांति और स्थिरता की स्थापना करने की मंशा है तो श्रीमान नरेन्द्र मोदी जी जैसे कर्म्निष्ट कर्मनिष्ठ और देश प्रेमी व्यक्ति को ही प्रधान मंत्री बनना चाहिए। मेरी मेरा वोट इस बार बीजेपी को है।

     

    ण्डे - हिंदी वर्णमाला में 5 की लाइन में जो अंतिम अक्षर होता है वही लिखा जाता है जैसे यहाँ ट ठ ड ...'ण', 'ड' वाली लाइन के अंत में 'ण' आता है इसलिए ठ'ण्ड' हुआ अगर त थ .... जैसा कुछ हो तो 'न' लिखते जैसे 'अन्त', हालांकि हिंदी में ञ देखने को नहीं मिलता है पर चंचल लिखने का दूसरा सही तरीका चञ्चल है, मराठी में ऐसा लिखने का चलन नहीं है वे अनुस्वार का ही प्रयोग करते हैं जैसे अगर shaant लिखना हो तो मराठी शुद्ध लेखन शांत है, हिंदी में शांत या शान्त लिखा जा सकता है।

     

    as  usual शानदार लिखते हैं आप 

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