R.C. Sharma
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अयं निज: परोवेति, गणना लघुचेतसाम् । उदारचरितानां तु, वसुधैव कुटुम्बकम् ।। (अथर्ववेद) This belongs to me or that belongs to him- this kind of thinking only the narrow minded people have. But to large hearted people, the whole world is like a family.  यह मेरा है अथवा पराया है; इस तरह के विचार छोटे चित्त वाले लोग रखते हैं । किन्तु उदार हृदय वालों के लिए तो सम्पूर्ण विश्व एक कुटुम्ब के समान है ।
Jun 11, 2021 10:00 AM
R.C. Sharma
Language Skills
Bagri, Hindi, Other, Sanskrit
Learning Language
Other