[Utente disattivato]
हिंन्दी कविता जो अनुवाद करना मुश्किल चूड़ी का टुकड़ा The piece of the bangle आज अचानक सूनी-सी सन्ध्या में Suddenly, today, in the lonely evening जब मैं यूँ ही मैले कपड़े देख रहा था When I by chance was gazing at the dirty clothes किसी काम में जी बहलाने, My mind distracted in idle work एक सिल्क के कुर्ते की सिलवट में लिपटा Clung in the fold of a silken kurta गिरा रेशमी चूड़ी का एक छोटा-सा टुकड़ा A rather small piece of a silken bangle had fallen उन गोरी कलाइयों में जो तुम पहने थीं A bangle worn on your fair wrists. रंग-भरी उस मिलन-रात में। In that passion filled night of union. मैं वैसा का वैसा ही रह गया सोचता I remained, as before, in idle thought पिछली बातें, On the last conversation दूज-कोर से उस टुकड़े पर On that piece from the lunar fortnight तिरने लगीं तुम्हारी सब लज्जित तसवीरें -- On all of your shy images that began to flow in my mind सेज सुनहली On the golden bed कसे हुए बन्धन में चूड़ी का झर जाना। On the cascading of the bangle during the gradually tightening embrace निकल गयीं सपने जैसी वे रातें, On the emergence of those dream like nights याद दिलाने रहा सुहाग-भरा यह टुकड़ा On this little piece of a remembrance of wedded bliss
11 set 2014 02:29
Correzioni · 3
धन्यवाद
14 settembre 2014
मेरे अनुवाद को देखने के लिए बहुत ध्नयवाद . : )
12 settembre 2014
अनुवाद तो अच्छा है ।
12 settembre 2014
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